प्रेगनेंसी में पानी पुरी खाने से क्या होता है?HealthPlanet

Posted on Fri 11th Nov 2022 : 09:26

गर्भावस्था में चाट/पानी-पूरी खाना सुरक्षित है?

भारत में सड़क किनारे, चटकारे लेते हुए चाट और पानी-पूरी खाना किशोरी से लेकर हर उम्र की महिला की पहली पसंद होती है। लेकिन गर्भावस्था में चाट या पानी पुरी की यह पसंदगी थोड़ी मुश्किल में आ जाती है । उस समय मन कहता है खा लें लेकिन अपने और शिशु के स्वास्थ्य को देखते हुए मस्तिष्क कहता है, न खाएं। हम आपकी इस कशमकश को दूर करने वाले तथ्यों की जानकारी इस प्रकार देते हैं:

1) जानिए: क्या गर्भावस्था में चाट/पानी पूरी खाना सुरक्षित है?

जैसा कि आप जानतीं हैं कि गर्भावस्था में रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। ऐसे में गर्भवती स्त्री को किसी भी प्रकार का इन्फेक्शन अगर हो जाता है तब उसका गर्भस्थ शिशु पर बुरा प्रभाव हो सकता है। यही नहीं किसी भी प्रकार से बीमार हो जाने पर ली जाने वाली दवाओं का भी भावी शिशु के स्वास्थ्य पर अच्छा प्रभाव नहीं होता है। सबसे मुख्य बात यह है कि सड़क किनारे खायी जाने वाली चाट से गर्भवती स्त्री को पेट में गैस या जलन की शिकायत भी हो सकती है।इसीलिए गर्भावस्था के दौरान सावधानियां बरतना बेहद ज़रूरी है। इस स्थिति से उबरने के लिए आप अपनी चाट की क्रेविंग के लिए निम्न उपाय कर सकतीं हैं:

घर में ही फलों का चाट बनाकर खा लें, इससे आपको पोषण भी मिल जाएगा और स्वाद भी आ जाएगा।
पानी-पूरी भी घर में बनाई जा सकती है। घर में बने सूजी या आटे के गोलगप्पे और खट्टा-मीठा पानी किसी भी चाट कॉर्नर को तगड़ी टक्कर दे सकता है।

लेकिन यदि समय की कमी और मन के स्वाद के कारण अभी भी आप बाहर ही चाट/पानी-पूरी खाना चाहतीं हैं तब आप निम्न सावधानियों को ध्यान में रखें:

एक गर्भवती महिला का भोजन ऐसी जगह से चुनें जहां कोई भी व्यंजन बनाने के लिए हर प्रकार की सफाई और सेहत की बातों का ध्यान रखा जा रहा हो। आजकल हर छोटे-बड़े रेस्टॉरंट में सरकार की ओर से भी स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखने की अनिवार्यता रख दी गई है। इसलिए सड़क किनारे खड़े होकर खाने के स्थान पर किसी साफ-सुथरी जगह पर ही जाकर चाट खा सकतीं हैं।

जब आप गर्भावस्था में चाट खाने के लिए कहीं जाएँ तो वहाँ ऑर्डर करते समय इस बात का ध्यान रखें कि केवल ताज़ा बनी चीजें ही ऑर्डर करें। इस बात को ध्यान रखें कि कच्चे फल और सब्जी आमतौर पर एक दिन पहले के हो सकते हैं जिनसे आपको इन्फेक्शन या टाइफाइड आदि जैसी परेशानी हो सकती है।
इसके साथ ही कटा प्याज़, अदरक, धनिया, नींबू, हरी मिर्च आदि भी विषाणु वाहक हो सकते हैं।
चाट के उपर डाले जाने वाली हरी चटनी, इमली कि चटनी आदि भी हो सके तो घर कि बनी ही खाएं।
बाज़ार का बना पनीर और दही, किस प्रकार के दूध का और कितने समय पहले का बना है, यह कहना मुश्किल है, इसलिए हो सकें तो इसके सेवन से बचें।
छोटे बच्चों की भांति हो सकता है आपका बर्फ का गोला और चुस्की आदि खाने का मन कर रहा हो। इन्हें ऑर्डर करते समय इस बात को सुरक्षित कर लें कि तैयार बर्फ के लिए पानी साफ और फिल्टर किया हुआ हो।
अगर आपका ज़ीरा पानी, आम पन्ना या नींबू पानी लेने का मन हो तब भी आपको सुनिश्चित करना होगा कि इसके लिए मसाले अच्छी कंपनी के हों।

अगर आप चाहें तो सभी अच्छे रेस्टॉरंट द्वरा टेक अवे सुविधा का लाभ आप उठा सकतीं हैं। इसके अंतर्गत आप रेस्टॉरंट का खाना या तो पैक करवा कर घर ले जाएँ या फिर घर पर भी मँगवा सकतीं हैं।

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